दिसरान बढ़ती करू1 शेवली कावा हामु बलवान क काजे जुवछे कि निर्बलोंन निर्बलताओं क सहें, नि क आपने आपसु खुश करे।
दिसरान बढ़ती करू1 शेवली कावा हामु बलवान क काजे जुवछे कि निर्बलोंन निर्बलताओं क सहें, नि क आपने आपसु खुश करे।