व्यक्तिगत नमस्कार
1 हाव तार छे फीबेन करता जु हामरी बहिनीस काजे आरू किंख्रिया की मंडळी सेविका छे, रावन्या करता हुं 2 कि तुखे, जोसो कि चुखलो मानसोंकाजे जुवछे, ओको पोरबु मा मान्य करू; आरू जीन कुणीन वात मा ओकान तुमरी जरूरत रोवे, ओकान साहायता करू, काहकि चाँ भी बेसक की वरना मारी भी करलो काम करनेवाली रोवी छे।