24 भुरसान द्बारा ते आमरू छुटकारो होयलु छे, पुन जिन वस्तु क भुरसो करती जाती छे, जब चाँ देखने मा आवे ते पछी भुरसो क रवी? काहकि जिन चीजो क कोय देख रयु छे, ओकी आश काय करसे। 25 पुन जिन वस्तु काजे हामु नी देखता, यदि ओको पर भुरसो राखता छे, ते भागेज करीन उको वाट देखता भी छे।