29 काहकि जिनुक उको पेहल छे जानलु छे तिनुक पेहल ठहरावलु भी छे कि उको पोर्या क स्वरूप मा छे ताकि चु घोणा भाईस्यो मा पहिलौठा ठरसे।
29 काहकि जिनुक उको पेहल छे जानलु छे तिनुक पेहल ठहरावलु भी छे कि उको पोर्या क स्वरूप मा छे ताकि चु घोणा भाईस्यो मा पहिलौठा ठरसे।