Pular para o conteúdo
Publicidade

१ कोरिन्थी 15

45 पविरमअसििखल ा, "मनअथवआदम िबनल" अनिआदम , सदलकवन ाँ। 46 आघऔर रहल शरअसिवमआइल, तब शरआइल, नहपरमवरकआतमक यमसवन िि

47 मनबनल रहे; सर मन, वरगमअइलाँ। 48 मनधर, ओइनधरमनआदमकहस पर मननकसमबनवरगसबति, ओइनवरगक मना, टकहस बताँ। 49 और जसिपरमवर हमििओसेँ शरबताँ, जसिशरधरमनआदमकरहिओसेँहमिनकशरवहटकशरहस रही, अबवरगमबताँ।

Estes versículos te tocaram? Ore agora!

+581 estão orando agora.

Junte-se à corrente de oração.

Veja também