39 थरवा जिअत घरिमे जन्नी अपन थरवक बन्धनमे रहत। पर जब ओकर थरवक मृत्यु होजिहिस, तब उ जन्नी अपन इच्छा करल मनैयासे भोज करना स्वतन्त्र होजाइत, पर उ मनैया विश्वासी हुई परत।
Publicidade
39 थरवा जिअत घरिमे जन्नी अपन थरवक बन्धनमे रहत। पर जब ओकर थरवक मृत्यु होजिहिस, तब उ जन्नी अपन इच्छा करल मनैयासे भोज करना स्वतन्त्र होजाइत, पर उ मनैया विश्वासी हुई परत।