10 यी मुक्तिक बारेमे परमेश्वरके अगमवक्तनके आकुर धेउर जाने चाहिँत। ओइने असिके अगमवाणी करलाँ कि परमेश्वर तुहुरिन्हे बँचाइक लग तुहुरिन्के पक्षमे कसिके दयासे भरल व्यवहार करहीँ, जेकर तुहुरे लायकके फेन नै रहो। ओइने जवाफ भेटाइक लग महा ध्यानसे अध्ययन करलाँ। 11 ख्रीष्टके आत्मा ओइन्केमे रहिन, और ओइन्हे कलिन कि ख्रीष्ट कसिके दुःख भोग्हीँ, और पाछेजाके ओइन्हे बरवार सम्मान मिल्हिन। तबेकमारे ओइने ख्रीष्ट के हुइहीँ कहिके पता लगैना कोशिस करलाँ। और असिन कब हुई कहिके पत्ता लगाई खोज्लाँ।