झूँटा गुरुन और ओइन्के विनाश
1 बहुत समय पैलेहेँ इजरायल देशके मनैनके बिच्चेम झूँटा अगमवक्तन रहिँत, ओस्तेहेँके तुहुरिन्के बिच्चेम फेन झूँटा गुरुनके रहिहीँ। ओइने धिरे-धिरे तुहुरिन्के मण्डलीमे पैठिहीँ, और तुहुरिन्हे परमेश्वरके बारेमे विनाश नन्ना झूँट बोल्हीँ। ओइने उ ख्रीष्टहे अपन प्रभु मन्नासे अस्वीकार करहीँ, जे ओइन्हे पापमेसे स्वतन्त्र कर्लिन। असिक कर्लक कारण ओइने अपन उप्पर विनाश नन्हीँ। 2 परमेश्वरके बहुत्ते मनै यी गुरुनके खराब व्यवहारके अनुशरण करहीँ। और ओइन्के कर्लक कामके कारण दोसुर मनै परमेश्वरके ओहोँर लैजुइया सच्चा डगरके बारेमे नै मजा बात बत्वैहीँ। 3 यी गुरुनके लाल्ची रहिहीँ। और तुहुरिन्से पैँसा भेटाइक लग तुहुरिन्हे बनैलक खिस्सा सुनाके ओइने तुहुरिन्हे धोखा दिहीँ। परमेश्वर ओइन्हे सजाय दिहिन कहिके बहुत पैलेहेँ निर्णय कर सेकल बताँ। और असिक करक लग ऊ तयार बताँ। परमेश्वर पक्कै ओइन्हे नाश कर्हिन।
18 जब ओइने मनैनहे सिखैथाँ, तब ओइने बिनाकामक और घमण्डक शब्द प्रयोग करथाँ। ओइने मनैनहे ओइने अपन शरीरके चाहल लाजे मुना काम करे सेक्थाँ कहिके कथाँ। और ओइने उ मनैनहे फेनदोस्रे पाप करक लग धोखामे धरथाँ, जोन मनै भर्खर खराब जीवन शैलीहे छोरल रथाँ। 19 झूँटा गुरुनके मनैनहे कथाँ कि ओइने अपन चहलक जोन काम करना फेन स्वतन्त्र बताँ। तभुन फेन ओइने अप्निहीँ गुलाम हस बताँ, काकरेकी ओइन्के अपने पापी स्वभावसे ओइन्हे पापके काम करना मजबुर बनैथिन। काकरेकी जोन बात कौनो मनैयाहे नियन्त्रण करत, वहे बात उहिहे गुलाम बनाइत।