8 पर प्रिय हो, जात्तिकमे यी बात ना बिसराऊ, परमेश्वरके लग एक दिन हजार साल हस और हजार साल एक दिन हस रथिन। हुँकिन्हे एक दिन और एक हजार दिन सक्कु एक्के हस रथिन। 9 कौनो मनै सोँच्थाँ कि प्रभु अपन फिर्ता अइना वाचा पूरा करनामे बेर करतताँ। पर प्रभु उ मेरसे बेर नै करथुइँत। बेन ऊ तुहुरिन्हे धैर्यता देखाइतताँ। काकरेकी ऊ केऊ फेन नाश ना होए कहिके चहथाँ। पर सक्कु जाने अपन मन बदलके पाप करे छोरदिँत कना ऊ चहथाँ।
10 पर ख्रीष्ट पक्कै फेन घुमके अइहीँ। ऊ चोरनके हस नै सोँचल समयमे फिर्ता अइहीँ। उ समयमे आकाशमे बरवार आवाज आई, और आकाश हेराजाई। आकाशमे रहल सूर्य, जोन्ह्याँ और तोरैयाँ आगीलेके पूरा रुपमे नाश होजिहीँ। उ दिन, मनैनके पृथ्वीमे कर्लक सक्कु काम ओइन्के न्याय करक लग परमेश्वर देखैहीँ।