18 और प्रभु महिन्हे सक्कु खराब कामसे छुटैहीँ। ऊ महिन्हे बँचाके स्वर्गमे लैजिहीँ, जहाँ ऊ रज्वक रुपमे राज करथाँ। हुँकार महिमा सदासर्वदा हुइती रहे। आमेन! (यकर मतलब हुइत, अस्तेहेँ होए।)
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18 और प्रभु महिन्हे सक्कु खराब कामसे छुटैहीँ। ऊ महिन्हे बँचाके स्वर्गमे लैजिहीँ, जहाँ ऊ रज्वक रुपमे राज करथाँ। हुँकार महिमा सदासर्वदा हुइती रहे। आमेन! (यकर मतलब हुइत, अस्तेहेँ होए।)