8 ध्यान देऊ, कि बिना मोलके और खोँखर छलसे केऊ तुहुरिन्हे फँसा ना लेहे। जेने ख्रीष्टके अनुसार नै होके मनैनके परम्परा और संसारके शिक्षामे आधारित रथाँ। और जोन कारण हम्रे मनैनके देहल शिक्षक पाछे चले नै चहथी उ कारण यहे हो, 18,19 ऊ शरीरके मुन्टा हुइँत, यी हुँकार माध्यमसे हुइत कि शरीरके सक्कु अंगक रेखदेख हुइत, और ओइन्हे एक्के संग धारजाइत। तबेकमारे यी ओसिके बह्रत, जसिके परमेश्वर चहथाँ कि यी बह्रे। हौश्यार रहो, कि केऊ फेन तुहुरिन्हे बेज्जत करके और स्वर्गदूतके आराधना करके तुहुरिन्हे अयोग्य ना ठहराए। असिन मनै उ बातके बारेमे बहुत गहिँराइमे जैथाँ, जोन बात ओइने देख्थाँ। और यी ओइन्के मानवीय सोँचके कारण ओइन्हे मूर्खता भरल घमण्डसे भर देथिन। ओइने ख्रीष्टहे छोरदेले बताँ।
ख्रीष्टके संग जिना और मुना
20 काकरेकी तुहुरिन्के पापी स्वभाव ख्रीष्टके संग मुगिल बा। तबेकमारे आब तुहुरिन्हे यी संसारके नियमहे मन्ना जरुरी नै हो कलेसे तुहुरे अभिन फेन यी नियमके पालन काकरे करथो जसिके कि संसार अभिन फेन तुहुरिन्हे अधिनमे धारल बा? 21 जसिके कि तुहुरे उ चिजहे अपन हाँथेम ना पकरहो, असिन खाना ना खैहो और असिन चिजहे हाँथ फेन ना लगैहो। 22 यी सक्कु नियम कौनो कामक नै हो, काकरेकी यी मनैनके आज्ञा और शिक्षा अनुसार बा। 23 असिन लागत कि जसिके यी नियम ओइन्हे बुद्धिक डगर देखाइत। और ओइने परमेश्वरकेमे अपनहे बरबत्ति समर्पण करथाँ, झूँट नम्रता देखैथाँ। और अपन शरीरसे कर्रा व्यवहार करथाँ। पर यी नियम पालन करके सेकके फेन मनै पापमे जिना बन्द नै करथाँ।