पवित्र आत्मा और मनैनके स्वभाव
16 पर मै कहतुँ, कि तुहुरे पवित्र आत्मक अगुवाइक अनुसार जिओ ताकि तुहुरे पापी शरीरके इच्छा पूरा ना करो। तबजाके तुहुरे उ खराब काम नै करबो।
22 जब पवित्र आत्मा हम्रिहिन्हे अगुवाई करत कलेसे हम्रे एकदोसर जहनसे प्रेम कर्थी। खुशी रथी। शान्ति रहत। सँस्सा करे सेक्थी। दोसुर जहनहे दया देखैथी। दोसुर जहनके भलाई कर्थी। एकदोसर जहनकेमे भरोसा रहत। 23 और हमारमे नम्रता रहत। और हम्रे अप्निहीँ अपनहे नियन्त्रण करे सेक्थी। असिन बातके विरोधमे कौनो मोशक नियम कानुन नै हो। 24 पर जेनके सम्बन्ध मुक्तिदाता येशू ख्रीष्टके संग बतिन, ओइने अपन जीवनके पापी स्वभावके खराब इच्छा और चाहनाहे पाछे छोरदेले बताँ।