3 जब येशू बोलतिहिँत, तब्बेहेँ यहूदी कानुनके गुरुन और फरिसीनके व्यभिचारमे पक्राऊ परल एकथो जन्नीहे नन्लाँ, और उहिहे सक्कुहुनके आघे ठरह्वैलाँ। 4 ओइने येशूहे कलाँ, "गुरुजी, यी जन्नी व्यभिचारके काममे पक्राऊ परल। 5 मोशक नियम कानुनमे असिन काम करुइयनहे पठरालेके मुवादरहो कहिके हम्रिहिन्हे आज्ञा देगिल बा। अप्नि यकर बारेमे का कहती?" 6 पर ओइने येशूहे फँसाइक लग और हुँकारमे आरोप8:6 आरोप यदि येशू कताँ कि उहिहे जिन मुवाऊ तब ओइने मोशक नियम कानुन नै मानत कहिके हुँकार लाज करताँ। यदि येशू कताँ कि उहिहे मुवादारो, तब ओइने रोमके राजपालके थेन हुँकार दोष देखाई सेक्ताँ, काकरेकी रोमके सरकार बाहेक केक्रो थेन फेन कौनो अधिकार नै रहे कि केऊ किहुहे मृत्यु दण्डक आज्ञा देहे। लगाई सेकजाइत कि कहिके असिक कहल रहिँत। पर येशू लिहुरगिलाँ, और अपन अंग्रीलेके भुइयाँमे लिखे लग्लाँ। 7 जब ओइने येशूहे घनिघनी पुँछे लग्लाँ ते येशू सोझे ठरह्याके ओइन्हे कलाँ, "तुहुरिन्केमेसे जे अभिनसम कौनो पाप नै कर्ले हो, वहे सक्कुहुनसे सुरुमे उ जन्नीहे पठरालेके मारे।" 8 तब् फेनदोस्रे लिहुरके येशू भुइयाँमे अपन अंग्रीलेके लिखे लग्लाँ। 9 जब ओइने यी बात सुन्लाँ, तब् ओइने भारीसे लेके सुरु करके छुटीसम् सक्कु जाने एक-एक करके वहाँसे चलगिलाँ। काकरेकी ओइन्हे पता रहिन कि पाप नै करुइया केऊ नै हो। तब येशू और उ जन्नी किल वहाँ रहिगिलाँ। 10 येशू सोझे ठरह्यैलाँ, और उ जन्नीहे हेरके कलाँ, "ए नारी, ओइने कहाँ चलगिलाँ? का केऊ तुहिन्हे दण्ड नै देहल?" 11 उ जन्नी मनैया येशूहे कहल, "प्रभु, केऊ नै देहल।" येशू कलाँ, "मै फेन तुहिन्हे दण्ड नै देहम। आब तुँ अपन घरे चलजाऊ, और आबसे फेनदोस्रे पापमे अपन जीवन ना बितैहो।"