17 उ सत्तरथो चेलनके आनन्दसे घुमके आके असिक कलाँ, "प्रभुजी, भूत्वन फेन हमार बात मन्लाँ, जब हम्रे ओइन्हे अप्निक नाउँ लेके आज्ञा देली।"
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17 उ सत्तरथो चेलनके आनन्दसे घुमके आके असिक कलाँ, "प्रभुजी, भूत्वन फेन हमार बात मन्लाँ, जब हम्रे ओइन्हे अप्निक नाउँ लेके आज्ञा देली।"