मूर्ख धनी मनैयक दृष्टान्त
13 भीड़मेसे एकथो मनैया येशूहे कहल, "गुरुजी, मोरिक दादूहे कहिदी कि हमार बाबक सम्पति ऊ अंशबन्दा करदेहे।" 14 पर येशू उहिहे कलाँ, "ए संघरिया, तुहुरिन्के उप्पर न्याय करना या तुहुरिन्के बाबक सम्पति तुहुरिन्हे बाँट देना कहिके निर्णय करना अधिकार महिन्हे के देहल?" 15 ऊ ओइन्हे फेनदोस्रे कलाँ, "हौश्यार रहो, सक्कु मेरिक लालचसे बँच्ना काम करो। काकरेकी मनैयक जिन्गी ओकर धनसम्पत्तिक प्रशस्ततामे नै रहत।"
16 येशू ओइन्हे एकथो दृष्टान्त कलाँ, "कौनो एकथो धनी मनैयक जग्गामे फालाफाल उब्जनी हुइलिस। 17 ऊ अपन मनमने सोँचे लागल, ‘मोरिक थेन अनाज धरना भारी ठाउँ नै हो, आब महिन्हे का करे परी कहिके महिन्हे पता नै हो।’ 18 तब् ऊ कहल, ‘महिन्हे पता बा कि महिन्हे का करे परी: मै अपन देहरी भस्काके आकुर बरबर देहरी बनैम, और मोरिक सक्कु अनाज और सम्पति वहैँ धारम। 19 तब् मै अपनहे अप्निहीँ कहम, कि आब बहुत सालसम पुग्ना मोरिक लग बहुत्ते सम्पति होगिल बा। आब मै खा पिके अराम करम।’ 20 पर परमेश्वर उहिहे कलाँ, ‘ए मूर्ख, आझिए रातके तैँ मुजिबे, और तोरिक जमा करल चिज के ली? जोन तैँ अपन लग जमा करल बते।’ 21 उ मनैयक संग फेन अस्तेहेँ हुई, जे सक्कु चिज अपन लग जमा करत। पर परमेश्वरके सेवा करक लग अपन सम्पति प्रयोग नै करत।"
चिन्ता नै करना
(मत्ती ६:२५-३४)
22 येशू अपन चेलनहे कलाँ, "तबेकमारे मै तुहुरिन्हे कहतुँ, रोज ‘का खैबुँ, का पिबुँ’ कहिके जिअक लग और ‘का घल्बुँ’ कहिके अपन शरीरके लग चिन्ता जिन करो। 23 पक्कै फेन जीवन खैना चिजसे धेउर और शरीर लुग्गाफाटासे धेउर किम्ती बा। 24 कौवनहे हेरो। ओइने ना ते बिया छित्थाँ, ना अनाज कटनी करथाँ, ना देहरीमे जमा करथाँ। पर तुहुरिन्के बाबा जे स्वर्गमे बा, ऊ ओइन्हे खवैथिन। तुहुरे चिरैँचुरुंगीनसे धेउर किम्ती बतो। 25 का तुहुरिन्मेसे केऊ फेन चिन्ता करके आकुर नम्मा समयसम जिए सेकी? 26 तबेकमारे तुहुरे ओत्रा छुटी काम फेन नै करे सेक्थो कलेसे जीवनके दोसुर बातके चिन्ता काकरे करथो? 27 लिली फूलनहे हेरो, कसिके ओइने ना ते मेहनत करथाँ ना कत्थाँ। पर मै तुहुरिन्हे कहतुँ, सुलेमान रज्वा फेन अपन सारा गौरवमे रतिरति फेन ओकर लुग्गा उ फूलनके हस सुग्घुर नै रहिस। 28 पर आज रना और दोसुर दिन आगीमे फेँकाजैना मैदानके घाँसहे परमेश्वर असिके सजैथाँ, कलेसे पक्कै फेन ऊ तुहुरिन्हे रेखदेख करहीँ। तुहुरिन्के विश्वास अतरा कम काकरे बा? 29 का खैबुँ कि का पिबुँ कहिके तुहुरे खोजिमे ना बैठो, और चिन्ता फेन ना करो। 30 काकरेकी संसारके सक्कु मनै यी बातके खोजिमे रथाँ। तुहुरिन्के स्वर्गमे रहुइया बाबा तुहुरिन्हे यी सक्कु चिजके जरुरी बा कहिके जानत। 31 पर आघे तुहुरे अपन जीवनमे परमेश्वरके राजहे सक्कुहुनसे खास चिज बनाऊ। और एकथो धार्मिक जीवन जिना इच्छा धारो, तब यी सक्कु चिज तुहुरिन्हे मिलजाई।"
धनहे धरना ठाउँ
32 येशू कलाँ, "मोरिक रेखदेखमे तुहुरे एकथो छुटिमुती भेँरीनके बगाल हस बतो, तबेकमारे कौनो फेन बातसे ना डराऊ! काकरेकी परमेश्वर बाबा तुहुरिन्हे राज देहक लग खुशी बा। 33 तुहुरिन्के सम्पति बेँचके दान दैदेऊ। अपन लग स्वर्गमे धन जमा करो, जोन कब्बु फेन नाश नै हुई। वहाँ चोर नै अइथाँ, और किरा फेन नै लग्थाँ। 34 काकरेकी तुहुरिन्के मन वहैँ लागल पलिरहत, जहाँ तुहुरिन्के धन रहत।"
जागल रहो
(मत्ती २४:४२-५१; मर्कू. १३:३२-३७)