12 छोट्का छावा अपन बाबाहे कहल, ‘बाबा, मोरिक भागमे परना धन-सम्पतिक हिस्सा महिन्हे अब्बेहेँ दैदे।’ तब् ओइन्के बाबा अपन सम्पति अपन दुनु छावनहे बाँटदेहल। 13 थोरिक दिन पाछे छोट्का छावा अपन सक्कु धन-सम्पति बिटोरके दूरिक देशमे चलगिलस। और वहाँ ऐसआराम और अपन मनपर्दी जिन्गी जिके अपन सारा सम्पति उरादारल। 14 जब ओकर सक्कु धन-सम्पति खर्च होसेकल रहिस। तब ठिक्केपर वहे बेला उ देशमे बरवार अनिकाल परल। और खाइक लग ओकर थेन कुछु नै रहिगिलिस। 16 और ऊ अतरा जोरसे भुँखाइल रहे, कि ऊ सुरिनके खैना चाह्रा खाके फेन महा खुश रहे। काकरेकी उहिहे केऊ फेन कुछु खाई नै दिस। 17 जब उहिहे अपन अवस्थक बारेमे अक्किल अइलिस, ते ऊ सोँचे लागल कि: ‘मोरिक बाबक सक्कु कामदारनके लग पेट भरके खाके फेन उब्रना खाना बतिस, और यहाँ मै भुँखे मुअतुँ। 18 मै उठ्के अपन बाबक थेन जैम, और उहिहे कहम कि, बाबा, मै परमेश्वरके विरोधमे और तोरिक नजरमे पाप करल बतुँ।
छोरके गैलक छावा फिर्ता हुइना
20 "तब् उ देशहे छोरके ऊ अपन बाबक थेन फिर्ता जाइक लग निकरगिल। और ऊ दूरे रहलमे ओकर बाबई उहिहे देख्के सोग लग्लिस। और ऊ अपन छावक ओहोँर दौरल। और ऊ उहिहे उँक्वार भर पकरलेहल, और उहिहे खोब चुम्मा खैलस।