यरुशलेम शहरके लग विलाप
41 जब येशू यरुशलेम शहरके लग्गे अइलाँ ते नगरहे देख्के ऊ रुई लग्लाँ। 42 और वहाँक मनैनहे कलाँ, "ए यरुशलेमके मनै, यदि शान्ति ओहोँर लैजुइयाहे यी समयमे तुहुरे चिहिन्तो कलेसे तुहुरिन्के लग बहुत मजा हुइना रहे! पर आब यी तुहुरिन्के नजरसे नुकागिल बा। 43 काकरेकी तुहुरिन्के उप्पर असिन दिन आई। जब तुहुरिन्के दुश्मनहुँक्रे तुहुरिन्के आँजरपाँजर मोर्चा बहानके घेरा दरहीँ। और सक्कु ओहोँरसे तुहुरिन्हे हमला करहीँ। 44 तोरिक दुश्मनहुँक्रे तुहिहे (यरुशलेम शहरहे) पूरा रुपमे नाश करदिहीँ। और यरुशलेमके सक्कु मनैनहे मुवादरहीँ। और तुहुरिन्के घरक कौनो फेन पठराहे एकथोक उप्पर दोसुरहे जोँतल नै छोरहीँ। काकरेकी जब परमेश्वर तुहुरिन्हे बँचाइक लग आइल ते तुहुरे उ समयहे नै चिहिन्लो।"
येशू मन्दिरके भित्तर
(मत्ती २१:१२-१७; मर्कू. ११:१५-१९; यूह. २:१३-१६)