येशूक फिर्ता हुइना संकेत
25 येशू कलाँ, "दिन, जोन्ह्याँ और तोरैँयनकेमे अचम्मक चिन्हा देखा परी, और पृथ्वीमे रहल देश-देशके जातिजातिन संकटमे परजिहीँ। काकरेकी ओइने समुन्दरके गर्जन और छालके हल्लासे घब्राजिहीँ। 26 डरके कारण और संसारमे हुई अइना घटनक बात देख्ति-देख्ति मनै मूर्छा परहीँ। काकरेकी आकाशके सक्कु शक्ति यहोँरओहोँर डगमगाजिहीँ। 27 ओकरपाछे मै, मनैयक छावाहे शक्ति और बरवार महिमक संग बद्रीमे अइति रहल ओइने देख्हीँ। 28 जब यी चिज हुई लागी ते तुहुरे हिम्मत बहानके स्थिर पलिरहहो। काकरेकी तुहुरिन्के मुक्ति लग्गे रही।"