क्रूसमे पश्चाताप करुइया पापी
39 क्रूसमे टाँगल अपराधीनमेसे एकथो अपराधी हुँकार बदनाम कर्ती कहल, "का तैँ ख्रीष्ट नै हुइते? तैँ अपनेहे और हम्रिहिन्हे बँचा।" 40 पर दोसुर अपराधी उहिहे हप्काके कहल, "का तोरिकमे परमेश्वरके थोरचुन फेन डर नै हो? तैँ फेन ते वहे दण्ड भेटाइते। 41 हमार लग यी दण्ड ठिके बा। काकरेकी हम्रिहिन्हे वहे मिलता, जोन हमार खराब कामके लग ठिक बा। पर यी मनैया ते कुछु फेन खराब काम नै करल हुइँत।" 42 तब् ऊ कहल, "हे येशू, जब अप्नि अपन राजमे एकथो रज्वक रुपमे अइबी ते महिन्हे सम्झबी।" 43 येशू उहिहे कलाँ, "जात्तिके मै तुहिहे कहतुँ, आझी तैँ मोरिक संग स्वर्गमे रबे।"
येशूक मृत्यु
(मत्ती २७:४५-५६; मर्कू. १५:३३-४१; यूह. १९:२८-३०)