13 वहे दिन हुँकार दुईथो चेलनके यरुशलेम शहरमेसे लगभग एघार किलोमिटर दूरके इम्माउस कना एकथो गाउँ ओहोँर जाइतिहिँत। 15 जब ओइने आपसमे बात बत्वाइतिहिँत, और पुँछपाँछ करतिहिँत। तब येशू अप्निहीँ लग्गे आके ओइन्के संग नेगे लग्लाँ। 16 पर परमेश्वर उ चेलनहे येशूहे चिन्हे नै सेक्ना बनादेले रहिन। 30 जब येशू ओइन्के संग खाना खाई बैठ्लाँ ते येशू रोटी लेके धन्यवाद देलाँ, और उहिहे खन्टाके ओइन्हे देलाँ। 31 तब ओइन्के आँखीहे परमेश्वर हेरे सेक्ना बनादेलिन और ओइने येशूहे चिहिन्लेलाँ। पर तब्बेहेँ येशू ओइन्के नजरमेसे अलप होगिलाँ। 32 ओइने आपसमे कलाँ, "जब ऊ डगरमे हम्रिहिन्हे सम्झाइतिहिँत, और पवित्र शास्त्रक मतलब बयान करतिहिँत ते का हमार मन नै हौसल रहे?"
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