विधवक छावा जित्ती हुइलक
11 दोसुर दिन येशू नाइन नाउँक शहरमे गैलाँ, और हुँकार चेलन और एकथो बरभारी भीड़ हुँकार संगे गैलिन। 12 जब येशू नगरके दवारीक लग्गे पुगल रहिँत, तब मनै एकथो अर्थीमे धारके मुर्दाहे बाहेर लेके जाइतिहिँत। उ मुर्दा अपन दाईक एक्केथो छावा रहे। और ओकर दाई एकथो विधवा रहिस, और ओकर संग मुर्दाहे माटी देहे नगरके बहुत्ते मनै जाइतिहिँत। 13 जब प्रभु उहिहे देख्लाँ ते हुँकिन्हे सोग लग्लिन, और ऊ उहिहे कलाँ, "ना रोऊ।" 14 और लग्गे जाके येशू उ अर्थीहे छुलाँ ते अर्थीहे बोकुइयन रुकगिलाँ। तब येशू कलाँ, "ए जवान मनैया, मै तुहिन्हे कहतुँ, उठजाऊ।" 15 तब मुअल मनैया उठ्के बैठगिल, और बोले लागल। येशू उहिहे ओकर दाईक जिम्मा लगादेलाँ। 16 तब सक्कु जाने डरागिलाँ। और ओइने परमेश्वरके महिमा करलाँ, और कलाँ, "परमेश्वरके एकथो महान अगमवक्ता हमार बिच्चेम आइल बताँ, और परमेश्वर अपन मनैनके सहायता करे आइल बताँ।" 17 हुँकार बारेमे यी बात सारा यहूदिया प्रदेशमे और आँजरपाँजरके सक्कु जिल्लामे फैलगिल।