13 तब् कौनो मनै लरकनहे येशूक थेन नन्लाँ ताकि ओइन्के उप्पर ऊ अपन हाँथ धारदिँत, पर चेलनके ओइन्हे हप्कैलाँ। 14 जब येशू यी देख्लाँ तब् रिसाके चेलनहे कलाँ, "लरकनहे मोरिक थेन आई देऊ, और ओइन्हे ना रोको। काकरेकी परमेश्वरके राज ओइन्के लग हो, जेने यी लरकनके हस विश्वासयोग्य और नम्र बताँ। 15 जात्तिके मै तुहुरिन्हे कहतुँ, कि जोन मनै अपनहे लरकनके हस परमेश्वरमे नै सौँपिहीँ, ओइने परमेश्वरके राजके मनै नै हुइताँ।" 16 येशू उ लरकनहे अपन कोनामे बैठैलाँ, और अपन हाँथ उ सक्कुहुनके उप्पर धरलाँ, और सक्कुहुनहे आशीर्वाद देलाँ।
धनी मनैया और स्वर्गक राज
(मत्ती १९:१६-३०; लूक. १८:१८-३०)