53 तब् ओइने येशूहे यहूदी प्रधान पुजारीक थेन लैगिलाँ, और वहाँ सक्कु यहूदी मुख्य पुजारीनके, यहूदी दलके नेतन और यहूदी कानुनके गुरुनके जमा हुइल रहिँत। 55 तब् यहूदी मुख्य पुजारी और यहूदी महासभक सक्कु सदस्यन येशूहे मृत्युदण्ड मिलिन कहिके हुँकार विरोधमे झूँटा गवाही खोजे लग्लाँ, पर कुछु नै भेटैलाँ। 61 पर येशू चिमचाम होगिलाँ, और कुछु जवाफ नै देलाँ। फेनदोस्रे यहूदी प्रधान पुजारी हुँकिन्हे पुँछल, "का तैँ ख्रीष्ट, परमेश्वरके छावा हुइते, जेकर हम्रे आराधना कर्थी?" 62 येशू कलाँ, "मै हुइतुँ, तुहुरे मै, मनैयक छावाहे सर्वशक्तिमानके दाहिन ओहोँर भारी पदमे बैठल, और महिन्हे आकाशमे बद्रीलेके घेरल स्वर्गमेसे आइत देख्बो।" 63 जब यहूदी प्रधान पुजारी सुनल कि येशू का कलाँ, तब ऊ अपन लुग्गा फारदेहल। काकरेकी ऊ महा जोरसे झोँक्कागिल रहे, और ऊ कहल, "आब हम्रिहिन्हे आकुर गवाही नै चाही। 64 तुहुरे सुन्लो कि यी ईश्वर-निन्दा करता। तुहुरिन्के का विचार बा?" और यहूदी सभक सारा सदस्यन यी बातमे सहमत होगिलाँ। और कलाँ कि येशू दोषी बा, और ऊ मृत्युदण्ड भेटैना लायकके बा।
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