एकथो जन्नीक विश्वास
24 यकरपाछे येशू और हुँकार चेलनके गालील प्रदेशमेसे चलगिलाँ, और टुरोस नगरके आँजरपाँजरके ईलाकामे गैलाँ। येशू एकथो घरेम गैलाँ, और ऊ वहाँ बताँ कना केऊ फेन पता ना पाए कहिके चाहिँत। पर येशू वहाँ बताँ कहिके मनै महा झत्ते पता पादरलाँ। 25 तब्बेहेँ एकथो जन्नी, जेकर छाईकमे भूत्वा लागल रहिस। ऊ येशूक बारेम सुनल, और येशूक थेन आके हुँकार आघे ठेहुनी टेकल। 26 उ जन्नी यहूदी नै रहे, उ जन्नी सिरिया देशके फोनिके ईलाकामे जल्मल रहे। ओकर छाईकमेसे भूत्वा निकारदिँत कहिके उ जन्नी येशूहे बिन्ती करल। 27 येशू उ जन्नीहे कलाँ, "आघे छाइछावनहे अघाई देऊ। काकरेकी लरकनके रोटी लेके कुकरीनहे दारदेना ठिक नै हो।" (काकरेकी यहूदी मनै ओइन्हे कुकरीनके हस व्यवहार करिँत्, जे यहूदी नै हो।) 28 उ जन्नी बुझगिल रहे कि येशू गैर-यहूदिनहे कुकरीनके और यहूदिनहे लरकनके रुपमे बुझाइतताँ। तबेकमारे ऊ जवाफ देहल, "हाँ प्रभु, कुक्कुर फेन अंगनामे लरकनके बच्का खैथाँ।" 29 तब् येशू उ जन्नीहे कलाँ, "तुँ ठिक जवाफ देलो! आब तुँ अपन घरे जाऊ। भूत्वा तोहाँर छाईकमेसे निकरके चलगिल बा।" 30 तब् ऊ अपन घरे गैल, और अपन छाइहे खटियामे सुतल देखल, और ओकरमनसे भूत्वा निकरगिल रहिस।