Pular para o conteúdo
Publicidade

Marcos 9

17 एकथमनकहल, "ी, अपन अपिनल बतुँ, करओकरमएकथगल बति, ििबति18 जब ििअपन कबकरलहत, तब िितरइयाँिहत, और ििइततबयकर ेँेँिकरि, और अपन ाँिचकिइत, और इत, और िकरतअपिलनहकनि िरद, पर ओइनअसिकरनशकि इति" 19 ओइनकलाँ, "अविमननककबसम रहुँ ि िकरो? महिकबसम ििकरनअसाँ परी? ौँिो।" 20 ओइनौँननाँ। जब खल, तबौँइयाँिगल, और ौँदक ेँेँिलगि21 ौँदक ुँाँ, "यकर लत बति?" तबौँदक कलि, "िएसे, 22 ििआगिऔर रकिकरलयदि अपि करकले, हमरमदयकरऔर हमििसहयकरी।" 23 उहिकलाँ, "ुँ असिकरकहतो? यदि अपि करी’ िकरइयनकलग सकिसमभव ा!" 24 तबेँ ौँदक इति कहल, "िकरतुँ, िमहिकरदी!" 25 जब मननकगजब बहरत ाँ, तब असिकहिहपाँ, "ौँबहिऔर ोंबनइया! िआजहतुँ, ौँदकमिकर, और नदकबमकआईस" 26 तबिगल, और ौँगल, और िकरगितबौँिरगिऔर ौँअल हस िलस, यहाँसम ि वहाँ रहल बहमनकलाँ, "िा।" 27 पर ौँदक ाँपकरकउठाँ ठरहिऔर ि

Veja também