24 तबेकमारे परमेश्वर ओइन्हे ओइन्के मनके अभिलाषक अनुसार नैतिक अशुद्धतक लग छोरदेलिन, ताकि ओइने एकदोसर जहनमे खराब काम करके अपन शरीरहे अनादर करिँत। 25 काकरेकी ओइने परमेश्वरके बारेमे सच्चाइहे विश्वास करना छोरदेथाँ। और ओइने झूँटहे स्वीकार करथाँ, और सृष्टि करुइया परमेश्वरहे छोरके हुँकार सृष्टि कर्लक चिजके पुजा और सेवा करलाँ। सृष्टिकर्ता परमेश्वरके हरदम महिमा होए। आमेन! (यकर मतलब हुइत, अस्तेहेँ होए।)
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