4 उ मजदूरिनके आवाज सुनो, जेनके मजदूरी देनामे तुहुरे ओइन्हे धोखा देले बतो। पर सेननके प्रभु ओइन्के रुइलक आवाजहे सुन्लेले बताँ।
कष्टमे सँस्सा करना
7 तबेकमारे हेरो भैयो, प्रभुक आगमन नै हुइतसम् एकथो किसानके हस अँस्याऊ। जे सुरुक और अन्तिममे बर्सना पानीहे अँस्याइत, ताकि अनाज बह्रे और कट्नीक लग तयार होजाए। 8 ओस्तेके तुहुरे फेन सँस्सा करो, और अपन मनहे बल्गर बनैले रहो। काकरेकी प्रभु झत्तेहेँ आइतताँ।