पवित्र आत्मा को वरदान
1 हे भैइहोन अरुबहीन, मी नी चाहु कि तुम आत्मीक वरदानहोन का बारे मे अनजान र्हिया. 2 तुम समजस हइ, कि जब तुम गैरयहूदीहोन थो, ते मुक्की मूर्ती का पीछे जसो चलायो जातो थो ओसो चलतो थो. 3 येकालिये मी तुमखे चेतावनी देउस हइ कि जो कोय परमेश्वर की आत्मा की अगुअय से बोलस हइ, उ नी बोलस कि यीशु श्रापित हइ. अरु नी कोय पवित्र आत्मा का बिना बोली सकस हइ कि यीशु प्रभु हइ.
4 वरदान तो कइ प्रकार को हइ, पर आत्मा एक ही हइ. 5 अरु सेवा भी कइ प्रकार की हइ , पर प्रभु एक ही हइ. 6 अरु प्रभावशाली कार्य कइ प्रकार का हइ, पर परमेश्वर एक ही हइ, जो सब मे हर प्रकार को प्रभाव परदा करस हइ. 7 पन सब खे लाभ पहुचान का लिये हर एक खे आत्मा का उजालो दियो जास हइ.