11 इन्सानहोन मे से कोन कोय इन्सान की बातहोन जानस हइ, फक्त इन्सान की आत्मा जो ओमे हइ? ओसो ही परमेश्वर की बातहोन भी कोय नी जाने कि फक्त परमेश्वर को आत्मा. 2:11 नितिसूत्रे 20:27 12 पन हमने जगत की आत्मा नी मील्यो हइ, जो परमेश्वर का तरफ से हइ, कि हम उन बातहोन खे जान्येका जो परमेश्वर ने हम खे दी हइ.
13 जिन, हम इन्सानहोन कि ज्ञान की सिखइ हुइ बातहोन मे नी, पर पवित्र आत्मा की सिखइ हुइ बातहोन मे, आत्मा बात आत्मीक ज्ञान से आत्मीक बातहोन की व्याख्या करस हइ.