12 पन हमने जगत की आत्मा नी मील्यो हइ, जो परमेश्वर का तरफ से हइ, कि हम उन बातहोन खे जान्येका जो परमेश्वर ने हम खे दी हइ.
13 जिन, हम इन्सानहोन कि ज्ञान की सिखइ हुइ बातहोन मे नी, पर पवित्र आत्मा की सिखइ हुइ बातहोन मे, आत्मा बात आत्मीक ज्ञान से आत्मीक बातहोन की व्याख्या करस हइ. 14 पर शारीरिक इन्सान परमेश्वर को आत्मा की बातहोन अपनइ नी कर्हे, क्युकि वे ओका नजर मे मूर्खता की बातहोन हइ, अरु नी उ उनका जान सकस हइ क्युकि उनकी परख्ये आत्मीक रीति से होस हइ.