16 क्युकि जो कुछ संसार मे हइ अगर आंग की अभिलाषा अरु जीवि को घमण्ड उ बाप का तरफ से नी पन संसार हि का तरफ से हइ.
16 क्युकि जो कुछ संसार मे हइ अगर आंग की अभिलाषा अरु जीवि को घमण्ड उ बाप का तरफ से नी पन संसार हि का तरफ से हइ.