2 हे प्रिय दोस्त, काम मरी या प्रार्थना हइ कि जसो तु आत्मीक मन से उन्नती करी रो हइ, ओसो तु सब बातहोन मे उन्नती कर अरु भलो अच्छो र्हे. 3 क्युकि जब अपना भैइ ने अय, तरी वा सच्चीचाइ कि गवइ दी जेका पर तु सच्ची मे चलस हइ ते मी भोत खुश हुयो. 4 मेखे येका से जादा अरु कोय खुश नी कि मी सुनीखे मरा बच्चा सच्चीचाइ का रस्ता पर चलस हइ.
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