42 वे हरदिन मन्दिर मे अरु घर मे उपदेश करण, अरु या बात को सुसमाचार सुनाना से कि यीशु हि मसीह हइ नी रुख्या.
42 वे हरदिन मन्दिर मे अरु घर मे उपदेश करण, अरु या बात को सुसमाचार सुनाना से कि यीशु हि मसीह हइ नी रुख्या.