जुन्नो जिवन अरु नवो जिवन
5 येकालिये अपनो वे आंग खे मारी डाल्हे जो पृथ्वी पर हइ, मनजे व्यभिचार, अच्छो, दुष्कामना, बुरी लालुच अरु लोभी खे जो मूर्तिपुजा का बराबर हइ. 6 येका कारण परमेश्वर को घुस्सा आज्ञा नी माननवाला पर पडस हइ. 7 अरु तुम भी, जब या बुराय मे जिवन बिताता था ते इनका अनुसार चलस हइ.
8 पर अब तुम भी या सब खे, मंनजे घुस्सा, रोस, दुजाभाव, टिंगल अरु मुडा से गाली नीकलनो या सब बात छोडी दे. 9 एक दुसरा से झुटी मत बोलनू, क्युकि तुमने जुन्ना इन्सान खे ओका काम का सात मे उतारी दियोस हइ.