48 जिवन की रोटी मी हइ. 49 तुमारा बुजुरुखहोन ने जंगल मे मन्ना खायो अरु मरी गया. 50 या वा रोटी हइ जो स्वर्ग से उतरस हइ ताकि इन्सान ओमे से खाये अरु नी मर्ये. 51 जिवन की रोटी जो स्वर्ग से उतरी मी आय अगर कोय या रोटी मे से खाये ते कभी भी जीवित र्हिये. अरु जो रोटी मी जगत कि जिवन का लिये दिह्यु, उ मरो मास हइ."