45 तु, धन्य हइ. वु जेने विश्वास कर्यो कि जो बात परमेश्वर का तरप से ओका से बोली गइ. वा पूरी हुयखे र्हिये.
45 तु, धन्य हइ. वु जेने विश्वास कर्यो कि जो बात परमेश्वर का तरप से ओका से बोली गइ. वा पूरी हुयखे र्हिये.