33 ते भी मेखे आज अरु कल अरु परसु चलनो जरुरती हइ. क्युकी हुय नी सखे कि कोय आकाशवाणी यरुशलेम का बाहेर धन मार्यो जाह्ये. 34 हे यरुशलेम! हे यरुशलेम! तु जो मन भविष्यव्दक्ताहोन खे मारी डालनो हइ. अरु जो तरा पास भेज्यो गयो उनखे फत्तर मारस हइ. खे त्ता बार मेने यो चाह्यो. कि जसी मुर्गी अपना बच्चा खे अपना पख, नीच्चे येकजगा करस हइ. वसो मी भी तरा धन खे जमा करु पर तुम ने यो नी चाह्यो.