कोन धर्मी रोख्यो जाह्ये
9 अरु ओने ओखे जो अपना उपर भरोसो रखीये ते कि हम धर्मी हइ अरु दुसरा खे तुच्छ जानता हुये दृष्टान्त बोलीयो. 10 दो इन्सान मन्दिर मे प्रार्थना करण का लिये गया एक फरीसी थो अरु दुसरो चुगी लेनवालो. 11 फरीसी खडो हुइखे अपना मन मे प्रार्थना करण लगीयो. हे परमेश्वर मी तरो धन्यवाद करुस कि मी अरु इन्सान का जसो बुरो काम करणआला अन्याय अरु व्यभिचार नी अरु नी यो चुगी लेनवालो का जसो हुये. 12 मी हप्ता मे दो बार उपास करुस हय अरु अपनी सब कमय को दसवो भाग दिवस हय. 13 पन चुगी लेनवाला ने दुर खडो हुयखे. स्वर्ग का तरप आख उठान भी नी चाह्यो. क्युकी अपनी छाती ढुकी खे बोल्यो. हे परमेश्वर मेखे पापी पर दया कर्हे. 14 मी तरा से बोल्यो हय. कि व्हा दुसरो नी. पन ह्या इन्सान धर्मी रखनो अरु अपना घर मे गयो. क्युकी जो कोय अपना आप खे बडो बनी गया. अरु जो अपना आप खे छोटो कर्यो उ बडो कऱ्यो जाये.