मन्दिर मे यीशु खे बलीदान कर्नो
22 अरु तब मूसा खे नीयम, जसो उन खे अच्छो होन, दिन पूरा हुया तेवे वोखे यरुशलेम मे लिगया. कि परमेश्वर, सामने लायो. 23 जसो कि परमेश्वर की नीयम मे लिख्योस हइ कि हर एक पहिलो परमेश्वर का लिये पवित्र र्हिये. 24 अरु परमेश्वर की नीयम को वचन का जसो, एक जोड. या कबूतर का दो बच्चा लय खे बलिदान कर्यो.
25 उ दिन मे यरुशलेम मे शमौन नाम को एक इन्सान थो,अरु वु इन्सान अच्छो अरु परमेश्वर खे डरनआलो थो. अरु इस्राएल की रस्ता देखी रो थो, अरु पवित्र आत्मा वोका पर थी. 26 अरु पवित्र आत्मा से वोखे चेतावनी हुय थी, कि जब तक तू परमेश्वर को मसीह खे देख न लग्यो, तब तक कोन देखेय. 27 अरु वा आत्मा खे सिखाना से मन्दिर मे आयो. अरु जब माय बाप वु बच्चो यीशु का अंदर लायो, कि वुन, लिये वेदी, जसो काम कर्हे. 28 ते वोने वोखे अपनी खोरा मे लियो अरु परमेश्वर को धन्यवाद करीखे बोल्यो.
29 हे स्वामी. आप तू अपना सेवक खे
अपनो वादा, जसो शांती से बिदा करस हइ.
30 क्युकि मेने अपना आख से तरा उध्दार खे देख्योस हइ.
31 जेखे तोने सब देस का
दुन्या का सामने तैयार करस हइ.
32 कि वु गैरयहूदिहोन खे उजालो देन का लीये दिवो. अरु तरा अपना इस्राएल का
दुन्या का लिये महिमा खे आह्ये.
33 अरु वोको बाप अरु वोकी माय या बात से जो वोका बारे मे बोली जाती थी आश्चर्य करता था. 34 जब शमौन ने उन खे आशिर्वाद दिखे. वोकी माय मरियम खे बोल्यो. देख. वुतो इस्राएल मे खुप गिरनो. अरु जिन्दो उठन का लिये. अरु एक असो चिन्ह होन का लिये ठहयरायो गयोस हइ. जेका खिलाप मे बात करी जाह्ये 35 वरना तरा जान भी तलवार से पार छेद जाह्ये येका से भोतझन को दिल का बिचार प्रकट हुये.
36 व्हा हन्नाह नाम फनूएल की आशेर एक जिन्दो भविष्यद्वक्तन थी वा खुप बूढी थी, अरु अपनो भ्याव फक्त सात साल तक अपना अदमी, सात र्ही. 37 वा चौर्यासी साल से विधवा थी अरु मन्दिर खे नी छोडती थी पर उपास अरु प्रार्थना करी खे रात-दिन परमेश्वर कि उपास करती थी. 38 अरु वु वा टेम मे व्हा अय खे परमेश्वर खे धन्यवाद करण लगी. अरु उ सब से जो यरुशलेम को छुटकारो की रस्ता देखेता था. वोका बारे मे बात करण लगी.