23 मी तुम से सच्ची बोलुस, जो कोय या पहाड से बोल्हे, उखडी जा अरु समुदर मे जयखे गिरी जा,अरु अपना मन मे दुर नी रखनु पन जो कुछ वुनका से बोल्यो, विश्वास कर की हुय जाह्ये ते वोका लीये हुय जाह्ये."
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23 मी तुम से सच्ची बोलुस, जो कोय या पहाड से बोल्हे, उखडी जा अरु समुदर मे जयखे गिरी जा,अरु अपना मन मे दुर नी रखनु पन जो कुछ वुनका से बोल्यो, विश्वास कर की हुय जाह्ये ते वोका लीये हुय जाह्ये."