Pular para o conteúdo
Publicidade

Marcos 2

3 अरएक लखवइननहउठयखओकि गया. 4 पर जब गररण ओकपहसका, उननछत ो, िअरजब ओखलटकओकखटिपर लखवपडो, उतिो. 5 उनकिओखलखवलगआलो, "तरो."

6 तब यवसिषक बठअपनअपनमन िकरण लगा. 7 "इनअसलस हइ? परमवर मजकरस हइ, परमवर अरकरसकस हइ?" 8 अपनआतिो, ि अपनमन असिकरहइ, अरउनस"अपनमन िकरहय?" 9 सरल हइ? लखवलगनलनहइ ि तरा, लनहइ, ि उट अपनखटिउठइखचल ि. 10 पर ि इनधरतपर करण अधिहइ, ओनलखवलगो. 11 "हइ. उट, अपनखटिउठइखघर चला."

12 उठो, अरखटिउठइखसब मनकलचलगयो. पर सब अचम ा, अरपरमवर ि महिकरलन लगा, हमनअसकभो.

Veja também