10 क्योकी मूसा ने बोल्यो हइ, ‘अपना बाप अरु माय को सम्मान करणु.’ अरु ‘जो कोय बाप या माय खे बुरो बोल्ये, ओखे नीश्चित मारी डाल्यो जाए.’ 11 तुम सिखास हइ कि अगर कोय अपना बाप या माय से बोल्ये, जो कुछ तोखे दान करी रोस हइ, ‘यो कुरबान हइ’ जेखो मतलब हइ, यो परमेश्वर को दान हइ, 12 ते असो इन्सान खे अपना बाप या माय की सेवा नी करण को बहानो मीली जास हइ. 13 यो प्रकार से तुम अपना नीयम बनय खे, परमेश्वर का शिक्षाहोन खे टाली देस हइ. अरु येका वजेसे भोत सा काम करस हइ."
इन्शान खे अशुद्ध करन वाली बात
(मत्ती 15:10-20)