26 पन तुम मे असो नी हुये. पन जो कोय तुम मे बडो होनु चास, उ तुमारो सेवक होन खे बनस. 27 अरु जो तुम मे मुखियो होनु चास उ तुमारो सेवक बनस. 28 जसो की इन्सान को बेटो, उ येकालिये नी आयो की अपनी सेवा करवास, पन येकालिये आयो की सेवा कर्हे अरु भोत झना का लिये अपनी जान दिये."