14 तुम जगत को दिवो हुये. जो गाव टेकडी पर बस्यो हुयो हइ उ रुखी नी सकस. 15 अरु दुन्या दिवो जलयखे टोपली, नीचे नी पन दिवा खे घर पर रखस हइ, तब ओकासे घर का सब दुन्याहोन खे उजालो पोचास हइ. 16 यो प्रकार तुम्हारो उजालो इन्सानहोन का सामने चमख्ये कि उ तुम्हारो अच्छो काम खे देख्ये तुम्हारा बाप खे, जो स्वर्ग मे हइ, महिमा कर्हे.