31 "येका लिये तुम चिन्ता करी खे यो नी बोलनु, कि हम का खाये या का पीये या का पेन्हे? 32 क्युकी गैरयहूदिहोन सब चिजहोन खे ढुढना मे ऱ्हेस हइ, अरु तुम्हारो स्वर्गीय बाप जानस हइ, की तुमखे या सब चिज होनु. 33 येका लिये पैयले तुम परमेश्वर का राज्य अरु धार्मीकता खे ढुढतो कर ते या सब चिज तुमखे मीली जाये. 34 आखरी कल का लिये चिन्ता नी करणु, क्युकी कल को दिन अपनी चिन्ता खुद करी लेस आज का लिये आज को ही दुख भोत हइ.
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