परमेश्वर की स्तुती
33 आहा! परमेश्वर को धन अरु दिमाक अरु ज्ञान का ही महान हइ! ओखे नीर्भय खे कोन स्पष्ट करी सकस हइ अरु ओकि रस्ता कसो सजी सकस हइ! 34 शास्त्र बोलस हइ
"प्रभु को मन खे कोन जानी सकस हइ
अरु ओखे कोन सला दी सकस हइ?
35 का परमेश्वर खे कोय ने कुछ दियो हइ
जेखे उ फिर से वापस कर्हे?"