एक दुसरा पर दोष मत लगानु1 जो विश्वास मे नीर्बल हइ, ओने अपना सगत मे ली ले, पन ओकी युक्ति बिचार पर विवाद करण का लिये नी.
एक दुसरा पर दोष मत लगानु1 जो विश्वास मे नीर्बल हइ, ओने अपना सगत मे ली ले, पन ओकी युक्ति बिचार पर विवाद करण का लिये नी.