धर्मीकता को सेवक15 ते का हुयो? का हम पाप कर्हे क्युकी हम व्यवस्था का अधीन नी बल्की परमेश्वर का अधीन जीत्या हइ? अनुग्रह ही नी!
धर्मीकता को सेवक15 ते का हुयो? का हम पाप कर्हे क्युकी हम व्यवस्था का अधीन नी बल्की परमेश्वर का अधीन जीत्या हइ? अनुग्रह ही नी!