26 या रिती से आत्मा भी हमारो दुर्बलता मे सायता करस हइ क्युकी हम नी जानस की प्रार्थना कोइ रीति से करणो चाहिए, पन आत्मा तु ही असो आवाज भर भरी खे जो गवा से बाहेर हइ, हमारा लिये विनती करस हइ.
26 या रिती से आत्मा भी हमारो दुर्बलता मे सायता करस हइ क्युकी हम नी जानस की प्रार्थना कोइ रीति से करणो चाहिए, पन आत्मा तु ही असो आवाज भर भरी खे जो गवा से बाहेर हइ, हमारा लिये विनती करस हइ.