28 हम जानस हइ की जो दुन्या परमेश्वर से प्रेम रखस हइ, ओका लिये सब बात मीली खे अच्छो ही उत्पन्न करस हइ, अगर ओका लिये जो ओकी इच्छा का जसो बुलायो हुयो हइ. 29 क्युकि जेने ओने पैयले से जानी लियो हइ उ पैयले से रख्यो भी हइ की ओको बेटा का स्वरुप मे हुयो, जबकी उ भोत भैइहोन मे पहिलौठा रखे. 30 फिर जेने ओने पैयले से ठैरायो, ओने बुलायो भी, अरु जेने बुलायो, ओने धर्मी भी ठैरायो हइ. अरु जेने धर्म ठैरायो, उन्हे महिमा भी दि हइ.